अक्षय तृतीया 2025
बुधवार, 30 अप्रैल 2025
सम्पूर्ण दिन शुभ माना जाता है — कोई कार्य आरंभ करने हेतु मुहूर्त की आवश्यकता नहीं।
अक्षय तृतीया 2025 का पंचांग
तिथि, नक्षत्र, राहु काल और शुभ मुहूर्त आपके नगर के सूर्योदय के अनुसार बदलते हैं। अपने स्थान के लिए गणना देखें।
पंचांग देखें →महत्व
अक्षय अर्थात् जो क्षय न हो। यह उन कुछ दिनों में से है जिन्हें अबूझ मुहूर्त कहा जाता है — पूरा दिन शुभ, किसी अलग मुहूर्त की आवश्यकता नहीं। इसी गुण के कारण इस दिन विवाह, क्रय और नए कार्य बहुतायत में होते हैं।
पूजा विधि
- नए कार्य, क्रय या निवेश आरंभ करें
- लक्ष्मी और विष्णु पूजा करें
- दान करें — यह इस दिन का मुख्य कर्म है
- परंपरा से स्वर्ण क्रय; भाव स्थायित्व का है, सट्टे का नहीं