जन्माष्टमी 2027
बुधवार, 25 अगस्त 2027
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव।
जन्माष्टमी 2027 का पंचांग
तिथि, नक्षत्र, राहु काल और शुभ मुहूर्त आपके नगर के सूर्योदय के अनुसार बदलते हैं। अपने स्थान के लिए गणना देखें।
पंचांग देखें →महत्व
श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में माना जाता है, और पूजा उसी अनुसार होती है: दिन भर व्रत, मध्यरात्रि में जन्म उत्सव और पारण। जब अष्टमी तिथि और रोहिणी एक ही रात्रि में नहीं मिलतीं, तब क्षेत्रीय परंपराएं भिन्न होती हैं — इसीलिए कभी-कभी यह दो दिन मनाई जाती है।
पूजा विधि
- दिन भर व्रत, मध्यरात्रि में पारण
- लड्डू गोपाल का अभिषेक और श्रृंगार; झूला झुलाएं
- माखन, मिश्री और पंजीरी का भोग
- मध्यरात्रि अभिषेक तक भजन कीर्तन